शैलेश मटियानी जीवन परिचय. Shailesh Matiyani Biography

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दोस्तों आज हम आपको उत्तराखंड के प्रसिद्ध लेखक शैलेश मटियानी की जीवन परिचय के बारे में बताने वाले हैं। शैलेश मटियानी उत्तराखंड के महान लेखक एवं प्रमुख व्यक्तियों में से एक है जो की अपनी रचनाओं के लिए पहचाने जाते हैं। इसलिए के माध्यम से हम आपको शैलेश मटियानी के जीवन परिचय ( Shailesh Matiyani Biography ) ,रचनाएं,पुरस्कार एवं उपलब्धियां के बारे में जानकारी साझा करने वाले हैं। दोस्तों आशा करते हैं कि आपको हमारा यह लेख पसंद आएगा इसलिए इसे अंत अंत तक पढ़ना बिल्कुल भी ना भूले।

शैलेश मटियानी जीवन परिचय. Shailesh Matiyani Biography

शैलेश मटियानी का जन्म 14 अक्टूबर 1931 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में हुआ। ( Shailesh Matiyani Biography ) पेशे से यह एक लेखक कवि एवं निबंधकार के रूप में पहचाने जाते हैं और इन्हें रमेश सिंह मटियानी और शैलेश के नाम से भी पुकारा जाता है। 12 वर्ष की आयु में उनके माता पिता का देहांत हो गया था। पांचवी कक्षा के बाद उनका पालन पोषण का दायित्व उनके चाचा लोगों ने उठाया। इसी कारणों से के पढ़ाई लिखाई में व्यवधान आता रहा और बीच में कई बार उनकी पढ़ाई भी छूटी। स्पीच उन्होंने बुचर खाने में एवं जुवे की नाल निकालने का काम भी किया।

सन 1951 अपनी हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वह रोजगार की तलाश में अपना गांव छोड़कर दिल्ली आ गए। दिल्ली में वह अमर कहानी के संचालक ओमप्रकाश गुप्ता के यहां रुकने लगे थे।
अन्य वर्षो में उन्होंने कहानी एवं कविताएं लिखना शुरू किया और उनकी पहली कहानी ‘ रंग महल’ और ‘ अमर कहानी’ पत्रिका में प्रकाशित हुई। दिल्ली में कुछ समय रहने के बाद में इलाहाबाद आ गए और कई वर्षों तक वहां रहे। हालांकि दिल्ली में उन्होंने कहानी कहानियां एवं कविताओं की रचना की ।

शैलेश मटियानी के प्रमुख रचनाएं. Major works of Shailesh Matiyani

  • ‘मेरी तैंतीस कहानियाँ’ (1961)
  • ‘दो दुखों का एक सुख’ (1966)
  • ‘दूसरों के लिए’ (1967)
  • ‘सुहागिनी तथा अन्य कहानियाँ’ (1968)
  • ‘सफ़र पर जाने के पहले’ (1969)
  • ‘हारा हुआ’ (1970)
  • ‘अतीत तथा अन्य कहानियाँ’ (1972)
  • ‘मेरी प्रिय कहानियाँ’ (1972)
  • ‘पाप मुक्ति तथा अन्य कहानियाँ’ (1973)
  • ‘हत्यारे’ (1973)
  • ‘बर्फ़ की चट्टानें'(1974)
  • ‘जंगल में मंगल’ (1975)
  • ‘महाभोज’ (1975)
  • ‘चील’ (1976)
  • ‘प्यास और पत्थर’ (1982)
  • ‘नाच, जमूरे नाच’ (1989)
  • ‘माता तथा अन्य कहानियाँ’ (1993)
  • ‘भविष्य तथा अन्य कहानियाँ’

शैलेश मटियानी के प्रमुख उपन्यास. Major novels of Shailesh Matiyani

  • ‘बोरीवली से बोरीबन्दर’ (1959)
  • ‘कबूतरखाना’ (1960)
  • ‘हौलदार’ (1961)
  • ‘चिट्‌ठीरसैन’ (1961)
  • ‘तिरिया भली न काठ की’ (1961)
  • ‘किस्सा नर्मदाबेन गंगू बाई’ (1961)
  • ‘चौथी मुट्ठी’ (1961)
  • ‘बारूद और बचुली’ (1962)
  • ‘मुख सरोवर के हंस’ (1962)
  • ‘एक मूठ सरसों’ (1962)
  • ‘बेला हुई अबेर’ (1962)
  • ‘कोई अजनबी नहीं’ (1966)
  • ‘दो बूँद जल’ (1966)
  • ‘भागे हुए लोग’ (1966)
  • ‘पुनर्जन्म के बाद’ (1970)
  • ‘जलतरंग’ (1973)
  • ‘बर्फ़ गिर चुकने के बाद’ (1975)
  • ‘उगते सूरज की किरण’ (1976)
  • ‘छोटे-छोटे पक्षी’ (1977)
  • ‘रामकली’ (1978)
  • ‘सर्पगन्धा’ (1979)
  • ‘आकाश कितना अनंत है’ (1979)
  • ‘उत्तरकांड, डेरेवाले (1980)
  • ‘सवित्तरी’ (1980)
  • ‘गोपुली गफूरन’ (1981)
  • ‘बावन नदियों का संगम’ (1981)
  • ‘अर्द्ध कुम्भ की यात्रा’ (1983)
  • ‘मुठभेड़’ (1983)
  • ‘नागवल्लरी’ (1985)
  • ‘माया सरोवर’ (1987)
  • ‘चंद औरतों का शहर’ (1992)
  • निबंध और संस्मरण
  • ‘मुख्य धारा का सवाल’,
  • ‘कागज की नाव’ (1991),
  • ‘राष्ट्रभाषा का सवाल’,
  • ‘यदा कदा’,
  • ‘लेखक की हैसियत से’,
  • ‘किसके राम कैसे राम’ (1999),
  • ‘जनता और साहित्य’ (1975),
  • ‘यथा प्रसंग’,
  • ‘कभी-कभार’ (1993),
  • ‘राष्ट्रीयता की चुनौतियाँ’ (1997)
  • ‘किसे पता है राष्ट्रीय शर्म का मतलब’ (1995)

शैलेश मटियानी के प्रमुख सम्मान. Shailesh Matiyani’s major honors

  • प्रथम उपन्यास ‘बोरीवली से बोरीबंदर तक’ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत;
  • ‘महाभोज’ कहानी पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का ‘प्रेमचंद पुरस्कार’;
  • 1994 में कुमाऊँ विश्वविद्यालय द्वारा ‘डी.लिट.’ की मानद उपाधि;
  • 1999 में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा ‘लोहिया सम्मान’;
  • 2000 में केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा ‘राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार’।

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