जिम कॉर्बेट जीवन परिचय. Jim Edward Corbett Biography

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हेलो दोस्तों स्वागत है आपका देवभूमि उत्तराखंड के आज के नए लेख में। जिम कॉर्बेट की कहानी आज भी गढ़वाल और कुमाऊं के लोगों के दिलों दिमाग में बसी हुई है. जब कभी भी बात जिम कॉर्बेट की आती है तो हमारे दिल और दिमाग में हमेशा ही जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क एवं जिम कॉर्बेट का ख्याल जरूर आता है दोस्तों आज हम आपको बताने वाले हैं जिम कॉर्बेट के जीवन परिचय ( Jim Corbett Biography) के बारे में आखिर क्यों वह इतने फेमस है और क्यों जिम कॉर्बेट रिजर्व उनके नाम से रखा गया । आशा करते हैं कि आपको हमारा यह लेख पसंद आएगा इसलिए इसे अंत तक पढ़ना बिल्कुल भी ना भूले।

जिम कॉर्बेट जीवन परिचय. Jim Edward Corbett Biography

जिम कॉर्बेट का जन्म 25 जुलाई 1875 को उत्तराखंड के नैनीताल जिले में एक अंग्रेज वंश परिवार में हुआ था। ( Jim Edward Corbett Biography) इनका पूरा नाम एडवर्ड जेम्स कॉर्बेट है। उनके माता का नाम मैरी जैन कॉर्बेट और उनकी बहन का नाम मार्ग्रेट बिनफ्रेंड कॉर्बेट है। जिम कॉर्बेट 4 वर्ष के थे तब उनके पिता जो की नैनीताल में एक पोस्ट मास्टर थे उनकी मृत्यु हो गई थी और उनके पालन पोषण की जिम्मेदारी उनके मां ने संभाली। जिम कॉर्बेट का जीवन परिचय जाने से पहले हम आपको बता दें कि वह अपना अधिकांश समय जंगल में बिताया करते थे उन्हें जंगल की खोज करना बड़ा ही पसंद था। इसलिए माना जाता है कि उनका अधिकांश जीवन जंगलों के बीच में बीता हुआ है। कम वर्ष की आयु में ही जिम कॉर्बेट को अपने छह सदस्यों के परिवार का पालन पोषण करने की जिम्मेदारी भी बड़ी बेखुदी से निभानी थी इसलिए उन्होंने रेलवे में नौकरी की ।

एक अच्छी शिकारी थे एडवर्ड जिम कॉर्बेट. Edward Jim Corbett was a good hunter

दोस्तों एडवर्ड जिम कॉर्बेट एक अच्छे शिकारी के लिए भी पहचाने जाते हैं। अधिकांश में जंगल में बीत जाने के कारण उन्हें उत्कृष्ट अवलोकन और जंगल के संकेत एवं वन्यजीवों की आवाजाही को आराम से पढ़ना आता था। वह जंगलों में घूमा करते थे और जंगल की आवाजों से ही उन्हें जानवरों के आने जाने का एहसास हो जाता था। उन्होंने अपने जंगल सफर में 19 बाघ और 14 तेदुवों को मारने का रिकॉर्ड बनाया है।

दोस्तों यह था हमारा आज का लेख जिसमें हमने आपको जिम कॉर्बेट के जीवन परिचय के बारे में जानकारी दी आशा करते हैं कि आपको जिम कार्बेट के बारे में जानकर अच्छा लगा होगा। उत्तराखंड से संबंधित ऐसे ही जानकारी युक्त लेख पढ़ने के लिए आप देवभूमि उत्तराखंड को जरूर फॉलो करें।

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