जिला उधम सिंह नगर. District Udam Singh Nagar

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दोस्तों स्वागत है आपका देवभूमि उत्तराखंड के आज की नए लेख में। आज के इस लेख में हम बात करने वाले हैं उत्तराखंड का प्रसिद्ध जिला उधम सिंह नगर के बारे में ( District Udam Singh Nagar)। उत्तराखंड में कुल 13 जनपद है जो कि अपने ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के अलावा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए पहचाने जाते हैं। हर किसी जिले की अपनी अलग-अलग खासियत है और अलग-अलग चीजों के लिए प्रसिद्ध भी है। उत्तराखंड के उन्हीं जिलों में से एक है जिला उधम सिंह नगर जिसके बारे में आज हम आपके संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं। दोस्तों आशा करते हैं कि आपको हमारा यह लेख पसंद आएगा इसलिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ना।

जिला उधम सिंह नगर.District Udam Singh Nagar

2908 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ जिला उधम सिंह नगर ( District Udam Singh Nagar) उत्तराखंड राज्य का एक प्रसिद्ध जिला है जो कि अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक सभी के लिए पहचाना जाता है। उधम सिंह नगर पहले कल जिले का हिस्सा हुआ करता था लेकिन बाद में इसे अलग कर दिया गया जिसमें आज के समय में कुल आठ तहसील है। काशीपुर ,गदरपुर , जस पुर, खटीमा ,किच्छा ,सितारगंज ,बाजपुर और रुद्रपुर है इसमें कुल सात विकासखंड है जो की जयपुर, खटीमा, सितारगंज ,रुद्रपुर ,काशीपुर ,बाजपुर और गदरपुर है।

उत्तराखंड का उधम सिंह नगर ( District Udam Singh Nagar) प्राचीन काल में गोविशान नाम से पहचाना जाता था। पहाड़ों के किनारे में बस यह खूबसूरत सा जिला प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी पहचाना जाता है यहां बहुत से पर्यटन स्थल है जो घूमने लायक है और यहां पर पूरे वर्ष भर में लगभग हजारों पर्यटक यात्रा के लिए आते हैं। यहां का प्रसिद्ध झील गिरी सरोवर खूबसूरती और शांत वातावरण के लिए पहचाना जाता है। खास तौर पर गर्मियों के मौसम में के किनारे पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है।

जिला उधम सिंह नगर का इतिहास, History of District Udam Singh Nagar

बात की जाए जिला उधम सिंह नगर के इतिहास के बारे में तो इतिहास के पन्नों पर नजर डालने से पता चलता है कि 1588 में मुगल शासक अकबर ने रूद्र चंद्र नाम के राजा को उधम सिंह नगर दे दिया था। जान यहां पर एक मिलिट्री कैंप का निर्माण किया और माना जाता है कि उसे समय यहां बसे रुद्रपुर गांव वालों के अच्छे दिन आए थे। ऐतिहासिक मान्यता के आधार पर यह भी माना जाता है कि रुद्रपुर शहर का नाम राजा रुद्र चंद्र के नाम पर रखा गया। जहां पहले यह शहर अपनी पहचान को रहा था मिलिट्री कैंप बनने के बाद उसे दोबारा से नई पहचान मिली।

आजादी के बाद विभाजन के समय लाखों लोग पाकिस्तान से आए और उन्होंने यहां पर शरण ली इसके अलावा कुछ संख्या में सिखों का झुंड भी शामिल था। सन 1919 में अमृतसर में स्थित जलियांवाला बाग में जो हत्याकांड हुआ वह आज भी भारत को सताता है कहा जाता है कि रोलेट एक्ट के विरोध में जलियांवाला बाग में शांति रूप से सभा आयोजित की जा रही थी लेकिन अचानक से इस सभा से परेशान पंजाब की तत्कालीन गवर्नर माइकल ओ डायर ने बिग्रेडियर जनरल डायर को यहां आदेश दिया । के बाद जनरल डायर ने वहां पर आधार गोलीबारी की जिसमें हजारों लोग मारे गए।

सन 2000 में जब उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश से अलग कर दिया गया तो नई-नई जिलों का आविष्कार किया गया जिसमें से नैनीताल जिला भी उभर कर आया और इस समय उधम सिंह नगर ( District Udam Singh Nagar) नैनीताल जिले का हिस्सा हुआ करता था। बाद में नैनीताल जिले से एक नए जिले का निर्माण हुआ जिसे स्वर्गीय क्रांति बिन उधम सिंह नगर के नाम से जानते हैं।

उधम सिंह नगर के प्रसिद्ध मंदिर – चेत्रि मंदिर ,नानकमत्ता ,अटरिया मंदिर।

उद्यम सिंह नगर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल – नानकमत्ता ,रुद्रपुर, बनबसा,

उधम सिंह नगर का एयरपोर्ट – पंतनगर हवाई अड्डा

उधम सिंह नगर की नदियां – दाबका, बाकरा, गोला,

उधम सिंह नगर के प्रमुख ताल – शारदा सागर , गिरीताल , नानक सागर द्रोणा सागर।

दोस्तों यह था हमारा आज का लेख जिसमें हमने आपको जिला उधम सिंह नगर के बारे में ( District Udam Singh Nagar) जानकारी दी। आशा करते हैं कि आपको उधम सिंह नगर के बारे में जानकर अच्छा लगा होगा। आपको यह ले कैसा लगा हमें टिप्पणी के माध्यम से बताएं और यदि आपको यह लेख पसंद आया है तो अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर साझा करें। उत्तराखंड से संबंधित ऐसे ही जानकारी युक्त लेख पाने के लिए देवभूमि उत्तराखंड को जरूर फॉलो करें।

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